युवा कलम

आओ जानें चिडि़यों का संसार भाग 2

लोकेश कुमार पाण्डे, नैनीताल-

जैसा कि हम जानते हैं कि भारत एक विविधता से भरा देश है चाहे यह सांस्कृतिक हो धार्मिक हो या फिर भौगोलिक। इसका प्रभाव प्रत्यक्ष रूप से दिखता भी है, इसकी पर्यावरणीय विविधता के कारण यहां पक्षियों की कई प्रजातियां पाई जाती हैं। ऐसे कई क्षेत्र हैं जो कि पक्षी दर्शन यानि बर्ड वाचिंग के लिए विश्व प्रसिद्ध हैं। आज कुछ ऐसे क्षेत्रों से आपका परिचय कराते हैं जो कि अपनी कुछ प्रजातियों के लिये विशिष्ठ पहचान भी रखते हैं। पक्षियों की उपस्थिति उस क्षेत्र की विशेषता पर निर्भर करती है। कुछ प्रजातियां समान्य रूप से सभी जगह पाई जाती हैं। तो कुछ उस क्षेत्र में विशिष्ठ विशेषता के कारण पाई जाती हैं। पक्षियों को उनके आकार, पंखों के प्रकार, चोंच व पंजों के आधार पर व मुख्य रूप से रंगों का जिसमें प्रमुख स्थान है, से पहचाना जाता है। तथा इनकी पहचान के साथ ही इनके आवास स्थलों का अंदाजा लगाया जा सकता है। मुख्य रूप से पक्षी घने जंगलों, नदियों, घास के मैदानों, दलदली भूमि व खेती युक्त भूमि पर अधिकता से मिलते हैं। जिस प्रजाति का विकास जिस क्षेत्र के आधार पर हुआ होता है वह उस क्षेत्र की विशेषता व प्रमुख प्रजातियाँ होती हैं। जहां पर इस प्रकार के वातावरण व स्थानों का मिश्रण होता है, वह क्षेत्र पक्षी दर्शन के लिए बहुत ही सम्पन्न क्षेत्र होते हैं।
पक्षी दर्शन के लिए ऐसे ही क्षेत्र जो आवास भोजन से सम्पन्न होते हैं वहां पक्षी अपनी प्रवास यात्रा पर पहुँचते हैं। इन्हें प्रवासी पक्षी कहते हैं। भारत में प्रमुख रूप से जानी जाने वाले पक्षी दर्शन क्षेत्रों में नैनीताल का एक प्रमुख स्थान है। जिसमें पंगूट, सातताल, घटगढ़ व रामनगर के क्षेत्र अपना विशेष स्थान रखते हैं। यहाँ पर प्रवासी पक्षियों के अलावा स्थानीय पक्षियों की काफी प्रजातियाँ मिल जाती हैं। जैसे बार हेडेडगूज, बाह्मणी डक, व्यहाइट कैपड़ रेड स्र्टाट, ब्लैंक हेडेड जे, यूरेशियन जे, माउण्टेन बुलबुल, ब्रोड बिल, चिर, कलीज व कोकलास, फिंजेट आदि। इसके अलावा भारत में प्रमुख पक्षी दर्शन क्षेत्र विलावदर (Velvadar) गुजरात में गिर नेशनल पार्क, डिर्जट नेशनल पार्क राजस्थान, भरतपुर (Neoladeo नेशनल पार्क) राजस्थान, यमुना नदी दिल्ली, सुल्तानपुर, हरियाणा, बान्धवगण मध्य प्रदेश आदि एक आदर्श स्थान है।
(आसन बैराज व बिनसर बर्ड संचुरी पक्षी अभ्यरण) इसमें प्रमुख हैं।