युवा कलम

आओ जानें चिडि़यों का संसार भाग 3

आओ जानें चिडि़यों का संसार
लोकेश कुमार पाण्डे, नैनीताल-

बर्ड वाचिंग आज के समय में पर्यटन की एक लोकप्रिय गतिविधी बन चुकी है। इसके माध्यम से प्रकृति का लोगों को नजदीक से आनन्द लेने का मौका प्राप्त होता है। पक्षियों के रंग, दिनचर्या, आवाज, गीत आदि ने हमेशा ही हमें अपनी ओर आकर्षित किया है। वर्ड वाचिंग के माध्यम से हम प्रकृति और अपने बीच के रिश्ते को आसानी से पहचान सकते हैं। बर्ड वाचिंग के समय में बढ़ते पर्यावरणीय बदलाव के कारण आज एक महत्वपूर्ण गतिविधि बन चुकी है क्योंकि प्रकृति व पर्यावरण में आये किसी भी बदलाव को पक्षी मनुष्य की अपेक्षा कहीं ज्यादा तेजी से महसूस कर सकते हैं क्योंकि यह इसके प्रति संवेदनशील होते हैं और उन बदलावों के अनुसार स्वयं को ढ़ाल लेते हैं या फिर प्रयास करते हैं। प्रकृति के सभी घटक प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप में एक दूसरे को प्रभावित करते हैं। एक दूसरे की संख्या में नियंत्रण रखते हैं तो विकास में मदद भी करते हैं। बर्ड वाचिंग के माध्यम से इस सम्बन्ध को समझने में सहायता मिलती है। किस प्रकार पक्षी पेड़, पौधों को हानिकारक जीवों से बचाते हैं और उनके प्रसार में मदद करते हैं और इस प्रकार एक दूसरे पर निर्भर रहते हैं।

बर्ड वाचिंग हमारे संग प्रकृति का सामंजस्य स्थापित करने में हमारी मदद करता है। पक्षी व प्रकृति का सानिध्य जीवन में उत्साह और ऊर्जा के स्तर को बढ़ाने, तनाव को दूर करने में मद्द करता है। पक्षियों का बड़ा ही अनूठा (अनोखा) संसार है। प्रकृति ने इन्हें भिन्न-भिन्न रंगो तथा सुरों से अलंकृत किया है। कुछ पक्षी जल में प्रकृति द्वारा दी गई अपनी क्षमताओं का निर्वहन करते हैं तो कुछ हवा में और कुछ जमीन पर और जब पक्षी दर्शन के माध्यम से इन्हें जानने का मौका मिलता है तो कुछ ऐसी क्रियाऐं जिन्हें देख मनुष्य दाँतों तले अंगुली दबा ले। प्रकृति व पक्षीयों का हमारे जीवन में पहले से ही विशेष महत्व रहा है। इन सभी का प्रभाव हमारे धार्मिक ग्रन्थों, लेखों, कविताओं में मिलता है। आज के समय में हमारी प्रकृति से जो दूरी हो गई है उस दूरी को मिटाने, प्रकृति के बीच में रहकर प्रकृति को महसूस करने का एक अमूल्य अवसर है। पक्षी दर्शन टी0वी0 के पर्दे के पार प्रकृति के रोमांच, सौन्दर्य, रहस्य, शान्ति और बहुत कुछ प्राप्त करने का अवसर प्रदान करती है।