युवा कलम

आओ जानें चिडि़यों का संसार भाग 5

आओ जानें चिडि़यों का संसार
लोकेश कुमार पाण्डे, नैनीताल-

पक्षियों का पर्यावरण में भी विशेष स्थान है । यह पर्यावरण की निगरानी करते हैं। उसमें आये किसी भी बदलाव के प्रति अतिसंवेदनशील होते हैं। किसी भी क्षेत्र में इनकी उपस्थिति वहाँ की समृद्ध पर्यावरण प्रणाली और अनुपस्थिति वहाँ की अविकसित पर्यावरण प्रणाली की ओर ध्यान आकर्षित करते हैं। पक्षियों और पर्यावरण के बीच इतना नाजुक सम्बन्ध इस बात से समझा जा सकता है कि पक्षी किसी स्थान पर कितने समय निवास करेंगे और कब वहाँ से दूसरे स्थान की तरफ निकल जायेंगे। क्योंकि पर्यावरण अनुकूलन ही जीवन के विकास की गारंटी देता है। मनुष्य भी पक्षियों के इस संवेदनशील क्रिया कलापों का कायल है क्योंकि उनकी पर्यावरण में किसी भी बदलाव को मापने की जो शक्ति है वह इस कदर उच्चकोटि की है कि इन्हें कोयले की खानों में मनुष्य अपने साथ रखता है ताकि गैसों के रिसाव व अन्य दुर्घटनाओं की स्थिति में इनके इस संवेदनशील व्यवहार की सहायता से गम्भीर दुर्घटना से बचा जा सके। वही मोर के नाचने वाले शारीरिक हाव भाव के द्वारा मौसम व बारिश का अनुमान सदियों से लगाया जाता रहा है।

कक्कू आम के पेड़ों का पता बताती है, तो तोते अमरूद की उपलब्धता की ओर संकेत करते हैं। उल्लू व चमगादड़ मौसम की प्रतिकूलता का बोध कराते हैं। पक्षियों की इस संवेदनशीलता के कारण मनुष्य लाभ उठाता रहा है। गौरय्या गेहूँ की फसलों की पता देती है तो वहीं कहीं पानी विषाक्त हो जाय तो उसकी विषाक्तता के कारण इनकी मृत्यु हो जाती है तो मनुष्य को सतर्क कर देते हैं, जिससे वह इससे बच जाता है। पक्षी जैविक संकेतों के प्रति अतिसंवेदनशील होते हैं। डी0 डी0 टी0, डाईक्लोफेनिक व अन्य कीटनाशक दवाईयों के प्रभाव से होने वाले कुप्रभाव पक्षियों में दिखाई दिये व इन्हें प्रतिबन्ध किया गया। कई पक्षी तो भोजन, शिकार व मछली पकड़ने में मनुष्य की मदद भी करते हैं।मछली पकड़ने के लिए कार्मोरेंट व शिकार के लिये बाज पालने का प्रचलन काफी है। इन सभी कारणों से पता चलता है कि हमारे व पक्षियों के मध्य कितना घनिष्ट सम्बन्ध है। मगर बिना बताए या फिर कहे किसी भी सम्बन्ध को ना मानने की हमारी प्रवृति इन महत्वपूर्ण सम्बन्धों को नहीं समझ पा रही है। इनके महत्व को हमें समझना होगा। इन गर्मियों में दाना व पानी जरूर रखना है ताकि हम प्रकृति व उसके सभी भागों के प्रति कृतज्ञता समर्पित कर सकें।