युवा कलम

आर्किटेक्चर

आर्किटेक्चर
संदीप बिष्ट, नैनीताल -

आर्किटेक्चर आजकल एक अति महत्वपूर्ण तथा माँग वाला कैरियर आॅप्सन है। यह एक सदाबहार तथा अत्यधिक कमाई वाला प्रोफेशन है। जब तक मानव सभ्यता का विकास होगा इस विधा को भी विकास की धारा में नये - नये डिजाईनों के साथ भागीदार बनना होगा।


आर्किटेक्चर एक ऐसा क्षेत्र है जिसमें आपको अपने कार्य में जुनूनी होना होता है। लैण्डस्केपिंग एक ऐसा क्षेत्र है जिसमें लैण्डस्केप आर्किटेक्ट को आउटडोर तथा इनडोर डिजाइनिंग करनी होती है। जैसे आज केन्द्र सरकार ने सौ स्मार्ट सिटी बनाने की बात कही है। इस विधा में नये तथा पुराने प्रोफेशनलस् के लिए यह एक अच्छी खबर है।
नये शहर बसाने के साथ - साथ पुराने शहरों को आज के आधुनिक युग के हिसाब से बसाने के लिए भी इस विधा के लोगों का योगदान अति महत्वपूर्ण होता है। आपको क्षेत्र के पर्यावरण, साईट प्लानिंग, हरित क्षेत्र, जल क्षेत्र, खेल मैदानों, कूड़ा निस्तारण तथा अन्य सभी महत्वपूर्ण जरूरतों का ध्यान रखते हुए नये शहरों तथा बसासतों की प्लानिंग करनी पड़ती है।
नेशनल हाइवे, हवाई पट्टी, स्टेडियम, बस स्टेशन, कार पार्किंग तथा पार्कों का भी आपको दी हुई जमीन पर समायोजन करना पड़ता है तो आपको एक ऐसे प्रबल तथा आर्किटेक्ट की जरूरत होती है जो एक परफेक्ट स्मार्ट सिटी को बनाने में सक्षम हो।
आर्किटक्चर का मतलब सिर्फ घर बनाना नहीं है। इसका वृहद रूप एक पूरा संसार तथा राजमर्रा की जरूरतों की आसानी से उपलब्धता वाली जगहों को विकसित करना होता है।
कोर्सेज - आर्किटेक्चर कोर्स में चार साल की स्नातक डिग्री (B. Arch) तद्पश्चात परास्नातक डिग्री (M.Arch) प्राप्त की जा सकती है।

आवश्यक अहर्ता - स्नातक डिग्री के लिए जरूरी अर्हता आपको 10+2 (इंटरमीडिएट) की परीक्षा किसी भी मान्यता प्राप्त बोर्ड ब्ठैम् या राज्य बोर्ड से 50 प्रतिशत न्यूनतम अंकों के साथ विज्ञान विषय में (फिजिक्स, कैमेस्ट्री तथा मैथ अनिवार्य) पास होना होता है। इसके साथ सबसे महत्वपूर्ण आपको प्रवेश परीक्षा में उत्र्तीण होना होता है। यह कोर्स सबसे अच्छा IITs से माना जाता है। जिसके लिए आपको JEE एडवांस परीक्षा में एक ऊँची रैंक लाना आवश्यक है। कुछ प्राइवेट राज्य स्तर के काॅलेज अपनी प्रवेश परीक्षा अलग से करवाते हैं।
प्रवेश परीक्षा - सामान्यतया प्रवेश परीक्षा में गणित का पेपर होता है लेकिन महत्वपूर्ण परीक्षा ड्राॅइंग की होती है। आपको ड्राॅइंग स्किल्स में पारंगत होना अति आवश्यक है। ड्राॅईंग की परीक्षा का प्रारूप नेशनल इंस्टियूट आॅॅफ एडवांस स्टडीज इन आर्किटेक्चर द्वारा काउंसिल आॅॅफ आर्किटेक्चर के साथ मिलकर प्रतिपादित किया जाता है। ‘काउंसिल आॅफ अर्किटेक्चर’ एक सरकारी आॅर्गनाइजेशन है जो कि भारत में अर्किटेक्चर की शिक्षा तथा प्रोफेशन के लिए नियम तथा शर्तों के बनाता तथा लागू करता है। किसी भी छात्र को (B. Arch) के कोर्स में प्रवेश पाने के लिए गणित के साथ-साथ ड्राॅईंग प्रवेश परीक्षा में भी अच्छा प्रदर्शन करना होता है।
अवसर - एक अच्छे आर्किटेक्ट की आज हर जगह माँग है। विनिर्माण के क्षेत्र में देश में आज सैकड़ों सरकारी तथा गैरसरकारी कम्पनियाँ हैं। इसके अतिरिक्त सरकारी विभागों में अनेकों जगह इस तरह के आर्किटेक्टों की आवश्यकता हमेशा ही होती है। नयी,पुरानी बिल्डिंगों के रखरखाव तथा अन्य क्षेत्रों जैसे रोड, ट्रान्सपोर्ट, हवाई पट्टियों, स्टेडियमों तथा सभी तरह के क्षेत्रों में एक अच्छी नौकरी मिल जाती है।