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आसमाँ में देखुँ तो.....

आसमाँ में देखुँ तो.....
- तूलिका पाण्डे, सैंट मैरीज कान्वैन्ट, नैनीताल में अध्ययनरत्
आसमाँ देखूँ तो तारे टिमटिमाएँ,
एक अदोरा चाँद देखके पापा याद आएँ।
सुबह-सुबह मेरे पापा झूला मुझे झुलाते,
जरूरत की हर चीज पापा मुझे दिलाते।
मेरे पेट में जब दर्द हो, रातभर वे जागते,
मेरे पापा मेरे लिए, पूरी रात थकते।
आसमाँ में देखूँ तो, तारे टिमटिमाएँ,
एक अदोरा चाँद देखके पापा याद आएँ।
नींद अगर ना आए तो, पीठ सहलाते,
सुबह-सुबह को प्यार से, वो मुझे खाना खिलाते।
चोट अगर मुझे लगे तो, उन्हें भी दर्द होता,
अगर मैं रोती तो, दिल उनका भी रोता।
आसमाँ में देखूँ तो, तारे टिमटिमाएँ,
एक अदोरा चाँद देखके पापा याद आएँ।
वो दोनों करते, मुझसे बहुत प्यार,
दुनियाँ में करते, सबसे ज्यादा दुलार।
माता पिता होते महान, करो इनकी पूजा,
इनके जैसा इस दुनिया में, नहीं कोई दूजा।