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आहरण-वितरण अधिकारियों को दी जीएसटी की जानकारी

कलक्ट्रेट सभागार में वाणिज्यकर विभाग द्वारा जनपद के सभी आहरण-वितरण अधिकारियों को जीएसटी के अन्तर्गत टीडीएस कटौती की विस्तृत जानकारियां दी गयी। साथ ही स्लाइड शो द्वारा भी जानकारियां दी गयी। जीएसटी लागू होने से पूरा देश एक ही मार्केट हो गया है जिसमें एक ही टैक्स लागू है। सहायक आयुक्त वाणिज्यकर धीरज कुमार ने बताया कि पहले अलग-अलग प्रान्तों में उत्पादों को लाने ले जाने पर अलग-अलग टैक्स लगाये जाते थे जिससे सामाग्री महंगी भी हो जाती थी व डिलरों को अनावश्यक परेशानियों का सामना भी करना पड़ता था। जीएसटी के अन्तर्गत वस्तुओं व सेवाओं में 0 से 28 प्रतिशत तक के टैक्स लगाये गये हैं। मूलभूत आवश्यक वस्तुओं पर कोई टैक्स नहीं लगाया गया है। उन्होंने बताया कि लीकर एवं पाॅच पैट्रोलियम पदार्थो पर अभी जीएसटी लागू नहीं है। उन्होंने बताया कि उत्तराखण्ड में 10 लाख तक के टर्नओवर कोई टैक्स नहीं है। जीएसटी में कम्पोजिशन टैक्स सुविधा उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की समस्या में ूूूwww.gst.gov.in, www.cbec.gov.in व हैल्प लाइन- 0120.4888999 जानकारियां प्राप्त की जा सकती है।
सहायक आयुक्त व्यापार कर विनय कुमार ओझा द्वारा अधिकारियों को जीएसटी के अन्तर्गत टीडीएस कटौती करने व जमा करने हेतु रजिस्ट्रेशन, प्रपत्रों, के साथ ही सीजीटीएस, एसजीटीएस आदि की विस्तृत जानकारी दी। अधिकारियों द्वारा भी कई श्ंाकाओं के समाधान हेतु प्रश्न पूछे गये जिनका समाधान करने की कोशिश वाणिज्य कर अधिकारियों द्वारा की गयी। कार्यशाला में मुख्य चिकित्साधिकारी डा0 एचके जोशी, राष्ट्रीय राजमार्ग महेन्द्र कुमार, नलकूप डीसी सनवाल, जिला उद्यान अधिकारी भावना जोशी, जिला पूर्ति अधिकारी टीएन उपाध्याय जिला कार्यक्रम बाल विकास अधिकारी अनुलेखा बिष्ट सहित अन्य जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।