देश

जनसंख्या नियंत्रण के लिए बिल अतिआवश्यक

जनता कहिंन...जनसंख्या नियंत्रण के लिए बिल अतिआवश्यक...
संजय नागपाल, नैनीताल

उपराष्ट्रपति पद पर रहते हुए तो हामिद अंसारी ने कभी अपनी कौम की चिंता नही की..आखिर ऐसे क्या कारण रहे जो उन्हें अपनी जाति पर मंडराता संकट दिखाई देने लगा..वास्तव में ये कोई डर है या जाति विशेष की बैचेनी व असुरक्षा का राजनीतिक स्वरूप उन्होंने प्रकट किया..सोशल मीडिया में उनके इस बयान पर तुरत की प्रतिक्रियाएं शुरू हो गई.. भारत जैसे बड़े लोकतांत्रिक व्यवस्था में अगर कोई बड़ा चरित्र या राजनेता अपनी कोई बात कहता है तो उसे ध्यान से सुनना जरूर चाहिए.. क्योंकि वास्तव में उनके कहने का अभिप्राय क्या था यह जानना बहुत जरूरी है..उनकी खिल्ली उड़ाना व मामले में समुदाय विशेष पर तुरंत प्रतिक्रिया करना ठीक नही..अब सत्तारूढ़ सरकारों को ही ले लीजिए..कभी तो उत्तरप्रदेश के चुनावीं समर में किसी गैर हिन्दू की पार्टी का टिकट ही नही दिया..और सबसे पहला मंत्री गैर-हिन्दू ही घोषित किया गया..देश के लोगों को समझना होगा कि अगर काँग्रेसराज में इस जाति विशेष को सत्ताप्राप्ति के लिए इस्तेमाल किया गया तो इस शासनकाल में भी स्थितियाँ कमोबेश वही हैं..सिर्फ फर्क है तो हिन्दू बाहुल्य होने के चलते देश मे भारी सफलता तो हिन्दू वोट बैंक से ही मिल सकती है..इसलिए राम मंदिर एजेंडे में हो या न हो इससे कोई लेना-देना नही है..लेकिन फिर भी बात उसी की होगी जिससे राजनीतिक फायदे मिल सकें..
कुलमिलाकर सत्ता से चिपके रहने के लिए राजनेता किसी भी हद को पार कर सकते हैं..और अगर राजनेता सचमुच एक भारत श्रेष्ठ भारत बनाना चाहते हो तो सबसे पहले जनसंख्या नियंत्रण के लिए मज़बूत बिल लेकर आएं.. क्योंकि वर्तमान में राजनीतिक परिस्थितियां एन.डी.ए के पूरी तरह से पक्ष में हैं..प्रधानमंत्री,राष्ट्रपति व उपराष्ट्रपति से लेकर लोकसभा व राज्यसभा में भी उन्हें पूर्णबहुमत है.. और यदि जनसंख्या नियंत्रण के लिए कोई मज़बूत विधेयक जल्द ही नही लाया गया तो फिर वर्तमान की तरह राजनीतिक परिस्थितियां बन पाएँ..यह बड़ा सवाल है..और आरक्षण व्यवस्था को भी खत्म कर पूरे भारतवासियों को एक ही दायरे में लाया जाना चाहिए..जिससे फिर देश मे किसी भी जाति या समुदाय को डरने की जरूरत ही नही रहेगी...