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जानलेवा स्मॉग ने कम की दौड़ती दिल्ली की स्पीड, बच्चों को सांस लेने में भी दिक्कत

नई दिल्ली. स्मॉग की चादर ने दौड़ती दिल्ली की स्पीड भी कम कर दी है. लोगों के लिए ये परेशानी आने वाले दिनों में और बढऩे वाली है. स्मॉग के मद्देनजर स्कूलों को बंद किया जा सकता है. मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया को कुछ दिनों तक स्कूल बंद करने पर विचार करने को कहा है ताकि प्रदूषण से बच्चों को बचाया जा सके. अरविंद केजरीवाल ने एक अन्य ट्वीट में प्रतिक्रिया देते हुए कहा, दिल्ली गैस चैंबर बन चुका है. हर बार इस समय ऐसा ही होता है. अन्य राज्यों में पुआल (पराली) जलाने की समस्या का समाधान ढूंढना ही होगा.

इसी बीच हॉफ मैराथन भी कैंसल होने के आसार बन रहे हैं. इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) ने सीएम अरविंद केजरीवाल को चिट्ठी लिखकर एयरटेल दिल्ली हाफ मैराथन को स्थगित करने का सुझाव दिया है. साथ ही राजधानी के स्कूलों की मैनेजमेंट को कहा गया है कि वह कुछ दिनों तक बच्चों को आउटडोर एक्टिविटी न कराएं क्योंकि शहर में प्रदूषण का स्तर काफी बढ़ गया है. दिल्ली सरकार से स्कूलों को बंद करने की मांग भी की है.

आईएमए के अध्यक्ष डॉ के. के. अग्रवाल ने कहा सुबह के समय स्कूलों में खुले में गतिविधियों से बच्चों के फेफड़ों पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है. उन्होंने लिखा है कि बच्चे जब शारीरिक परिश्रम करते हैं तो उन्हें ज्यादा ऑक्सीजन की जरूरत होती है. ऐसे में सांस के साथ प्रदूषण की बड़ी मात्रा बच्चों के शरीर में जाती है और इससे फेफड़ों पर असर पड़ता है. उन्होंने कहा कि इस समय हृदय और अस्थमा के मरीजों के अलावा बुजुर्ग और बच्चों को कम से कम घर से बाहर निकलना चाहिए. दिल्ली के 14 एयर मॉनिटरिंग स्टेशन पर वायु गुणवत्ता बहुत खराब पायी गयी जहां वायु गुणवत्ता इंडेक्स 300 है, जबकि 100 को सामान्य माना जाता है. इसके अलावा लोगों को बेवजह बाहर घूमना बंद करने को कहा गया है. इस बीच देश की सबसे बड़ी टेलिकॉम कंपनी भारती एयरटेल ने दिल्ली हाफ मैराथन की मुख्य स्पॉन्सरशिप छोडऩे की चेतावनी दी है.

इस बीच नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने इस स्थिति पर दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और यूपी सरकार से कल तक जवाब मांगा है. एनजीटी ने दिल्ली सरकार से पूछा है कि क्या आपको पता है कि बच्चे सांस भी नहीं ले पा रहे हैं. एनजीटी ने कहा कि एक दिन में बताएं कि उन्होंने प्रदूषण को रोकने के लिए क्या किया है. एनजीटी ने दिल्ली सरकार और सभी सिविक एजेंसी को बुधवार को बुलाया है कि वह आए और बताए कि प्रदूषण रोकने के लिए क्या करेंगे.