अर्थ तंत्र

जाने क्यों ? गुजरात के CM रूपानी पर SEBI ने लगाया 15 लाख का जुर्माना

नई दिल्ली. बाजार नियामक संस्था सिक्योरिटी एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (सेबी) ने सारंग केमिकल्स कंपनी के ट्रेड में कथित हेरा-फेरी के मामले में गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रुपाणी की कंपनी हिंदू अनडिवाइडेड फैमिली (एचयूएफ) समेत 22 अन्य कंपनियों पर जुर्माना लगाया है.

बिजनेस अखबार बिजनेस स्टैंडर्ड में छपी खबर के मुताबिक इन 22 कंपनियों पर 6.9 करोड़ रुपये का जुर्माना भी लगाया है. सेबी की जांच में इन कंपनियों के बीच 'गठजोड़' की बात निकली.

रुपाणी के एयचूएफ को 15 लाख रुपये का जुर्माना भरने को कहा गया है. वहीं तीन अन्य लोगों पर 70 लाख रुपये से अधिक का जुर्माना लगाया गया है.

सेबी ने कहा कि इन कंपनियों पर लगाया गया जुर्माना इनके किए गए 'उल्लंघन के अनुपात' में है. 22 कंपनियों में दो ब्रोकर भी शामिल हैं, जिनके जरिये ट्रेड किया गया. इन्हें 8-8 लाख रुपये का जुर्माना भरने को कहा गया है.

इस मामले में सफाई देते हुए रुपाणी ने कहा कि कथित फर्जीवाड़ा मामले में जांच के दौरान उन्हें अपना पक्ष रखने का मौका नहीं दिया गया.

ट्विटर पर जारी बयान में सफाई में उन्होंने कहा है कि सिक्योरिटीज एपिलेट ट्रिब्यूनल (सैट) ने सेबी के आदेश को रद्द कर दिया है. जारी बयान में उन्होंने कहा है कि सारंग केमिकल्स की शेयर ट्रेडिंग उनकी एचयूएफ को कोई बड़ा मुनाफा नहीं हुआ.

उन्होंने कहा कि 'जिस आदेश के आधार पर बिजनेस स्टैंडर्ड ने खबर छापी है, उसे सेबी ट्रिब्यूनल पहले ही खारिज कर चुका है.

कथित हेरा-फेरी वाला सौदा जनवरी 2011 से जून 2011 के बीच हुआ. रुपाणी ने अगस्त 2016 में गुजरात के मुख्यमंत्री का कार्यभार संभाला था.

मई 2016 में सेबी ने पीएफयूटीपी (सेबी प्रोहिबिशन ऑफ फ्राड्यूलेंट एंड अनफेयर ट्रेड प्रैक्टिस) एक्ट के तहत 22 कंपनियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया था.

सेबी ने दो प्रकार के नोटिस जारी किए थे. पहला नोटिस कीमतों में हेर-फेर को लेकर था जबकि दूसरा नोटिस सारंग केमिकल्स के शेयर वॉल्यूम में कृत्रिम तरीके से किए गए छेड़छाड़ को लेकर था.

सेबी ने कहा कि रुपाणी की एचयूएफ ने कंपनी के 87,311 शेयरों की बिक्री की लेकिन इससे एयचूएफ को फायदा नहीं हुआ.