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डोनाल्ड ट्रिंप पर महाभियोग की भविष्यवाणी

डोनाल्ड ट्रिंप पर महाभियोग की भविष्यवाणी
आबाद जाफ़री, नैनीताल
आखिर वही हुआ जिसका डर था। अमेरिका की विपक्षी डेमोक्रेटिक पार्टी ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर महाभियोग चलाने की मांग कर दी है। हाल ही में रूस से निकट सम्बन्धों को लेकर इस्तीफा देने वाले राष्ट्रपति सुरक्षा सलाहकार ‘माइकल पिलन’ के साथ रूस के सम्बन्धों की जाँच बन्द करने के लिए एफ.बी.आई. के पूर्व प्रमुख जेम्स कोमी पर दबाव डाले जाने को महाभियोग के लिए पर्याप्त आधार बताया गया है। न्यूयार्क टाइम्स और वाशिंगटन पोस्ट के अंक लगातार इस प्रकरण की सनसनीखेज खबरों से पिछले कई दिन से भरे हैं।
यह सब अचानक नहीं है। जो लोग अन्तर्राष्ट्रीय सियासत पर भी नज़र रखने के आदि हैं उन्हें याद होगा कि इस तरह की भविष्यवाणी पहले ही की जा चुकी है।
नवम्बर 2016 को हुए चुनाव में हिलेरी किलन्टन का पलड़ा भारी रहा था और दुनिया जानती है कि ट्रंप उनके मुकाबले में पीछे चल रहे थे। विश्व भर के राजनीतिक विश्लेषक और महारथी हिलेरी किलन्टन की जीत को पुख्ता मानकर चल रहे थे परन्तु परिणाम अप्रत्याशित रहे और टंªप ने जीत हासिल कर ली। इसे चुनाव के मात्र डेढ़ माह पूर्व 23 सितम्बर 2016 को एक भविष्यवाणी प्राकाशित हुई थी जिसमें टंªप की जीत को निश्चित घोषित किया गया था। उस समय लोगों ने इस भविष्यवाणी को हिलेरी किलन्टन की आंधी में कोई तवज्जो नहीं दी क्योंकि चारों ओर हिलेरी किलन्टन की जीत का डंका बजने लगा था।
अमेरिका के इतिहासकार और प्रसिद्ध विश्लेशक प्रोफेसर ‘एलेन लिचटमैन’ ने वर्ष 1984 से पूर्व एक पुुस्तक ‘दि कीजा टू दी ह्वाइट हाऊस’ (THE KEYS TO THE WHITE HOUSE) लिखी थी। पूरी पुस्तक 1984 से 2016 तक की हवाइट हाऊस से सम्बन्धित भविष्यवाणियों पर आधारित है। कहा जाता है कि पिछले 32 वर्षों में ‘एलेन लिचट मैंन’ की कोई भविष्यवाणी झूठी या गलत साबित नहीं हुई है। ‘उन्होंने 2016 की भविष्यवाणी में डोनाल्ड ट्रंप की जीत को निश्चित ठहराया था। साथ ही यह भी कहा था कि टंªप को उसके कट्टर व्यवहार के कारण अमेरिकन उसे अधिक दिनों तक बर्दाश्त नहीं करेंगे। शीघ्र ही टंªप के विरुद्ध महाभियोग लाया जायेगा।“
टंªप के राष्ट्रपति निर्वाचित होने पर न्यूयार्क, वाशिंगटन, ओकलैण्ड, शिकागो, लास एंजिल्स, फिलाडेल्फिया, एकवाडोर, सान फ्रांसिस्को और ब्रकले आदि में उनके विरुद्ध कई दिन तक चलने वाले प्रदर्शन होते रहे। न्यूयार्क में मैन हट्टन स्थित टंªप टावर के बाहर कई दिन तक विरोधी नारेबाजी करते रहे। इन प्रदर्शनों के उत्तर में टंªप ने कहा था, ‘‘लोग मुससे डरंे नहीं। मुसलमानांे और दूसरी अल्पसंख्यक जातियों को डराने की मैं निन्दा करता हूँ। परन्तु 30 लाख जारायमपेशा और गैर कानूनी निर्वासितों को वह प्रत्येक दशा में अमेरिका से बाहर निकालकर दम लेंगे।’’
एक दूसरे बयान में टंªप ने कहा कि ”लोग मुझ पर भरोसा रखंे। वैसे भी इलेक्शन में बहुत से ऐसे बयान देने पड़ते हैं जो नापसंदीदा होते हैं।“
देखना होगा कि अपनी सुपर पावर की हेकड़ी में आधी दुनिया को आतंकवादी ठहराने वाले अमेरिका की सियास का ऊँट किस करवट बैठेगा ? यदि उक्त भविष्यवाणी सही साबित हुई तो दुनिया का नक्शा तेजी से बदलेगा।