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देहरादून की सड़के हो तुरंत गड्ढा मुक्त- जिलाधिकारी एस ए मुरूगेसन

देहरादून 17 अगस्त 2017, सड़को को गड्डा मुक्त करने एवं शहर की यातायात व्यवस्था में सुधार करने हेतु जिलाधिकारी द्वारा पूर्व में दिये गये निर्देशों पर की गयी कार्यवाही का जायजा लेने हेतु जिलाधिकारी एस ए मुरूगेसन द्वारा आज जिलाधिकारी कैम्प कार्यालय से सम्बन्धित अधिकारियों के साथ शहर के मसूरी डाईवर्जन, मोहकमपुर निर्माणधीन फ्लाई ओवर, अजबपुर रेलवे फाटक फ्लाई ओवर, आई.एस.बी.टी, जी.एम.एस रोड, कावंली रोड, रेलवे स्टेशन, प्रिंस चैक एवं तहसील चैक का स्थलीय निरीक्षण किया गया। जिलाधिकारी द्वारा सम्बन्धित कार्यदायी संस्थाओं को निर्देश दिये गये हैं कि जो सड़के अभी गड्डा मुक्त होने से रह गयी है, ऐसी सड़को पर तत्काल गड्डो को भरने की कार्यवाही की जाय। उन्होने यह भी निर्देश दिये कि जिन स्थानो पर विद्युत ट्रांसफार्मर नीचे हैं उन्हे एक निश्चिित उंचाई पर किया जाये जिससे, किसी प्रकार की दुर्घटना से बचा जा सके।
राजधानी दून के शहरी क्षेत्रों की सड़कों का भ्रमण/ निरीक्षण की शुरूआत आज जिलाधिकारी एस.ए मुरूगेसन ने राजपुर रोड से की, उन्होने राजपुर रोड, राजपुर चैक, किशनपुर, ईस्ट कैनाल रोड, 6 न0 पुलिया, रायपुर बाईपास मार्ग, जोगीवाला, मोहकमपुर चैक, विधानसभा मार्ग से कारगी चैक, आई.एस.बी.टी, जनरल महादेव सिंह मार्ग, बल्लुपुर चैक, बल्लीवाला चैक, सहारनपुर चैक, प्रिंस चैक मार्ग एवं डिसपेंसरी मार्ग का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होने देखा की शहर के मुख्य मार्गों पर डेडलाईन बीत जाने काफी गड्डे ईंटो से भरे जा चुके हैं। निरीक्षण के दौरान उनके साथ लोक निर्माण विभाग , निर्माण खण्ड, प्रान्तीय खण्ड, लो.नि.वि., राष्ट्रीय राजमार्ग एवं एडीबी के अधिकारियों के साथ-साथ फ्लाई ओवर प्रौजेक्ट में कार्यरत अधिकारी मौजूद थे।
उन्होने मोहकमपुर और हरिद्वार बाईपास पर आशोक विहार के समीप बन रहे फ्लाई ओवर के पास का भी निरीक्षण करते हुए फ्लाई ओवर के अधिकारियों से कहा कि सड़क के दोनों ओर मार्ग अवरूद्ध हो रहा है, जिसमें यातायात में परेशानी उत्पन्न हो रही है। इस सड़क पर पानी का जमाव भी अत्याधिक हो रहा है, उसकी निकासी का इन्तजाम तुरन्त किया जाये तथा फुटपाथ वाले रास्ते पर टाईल को शीघ्रता-शीघ्र एक सप्ताह के अन्दर दुरूस्त किया जाये तथा फ्लाई ओवर के किनारे जो सड़क है उसका समतलीकरण तथा जलभराव से बचने के लिए पानी की उचित निकासी करने के निर्देश दिये। उन्होने फ्लाई ओवर अधिकारियों से कहा कि यातायात पुलिस से सामजस्य करते हुए रात्रि एवं दिन में मजदूरों की संख्या बढाते हुए कार्य को अंजाम दिया जाये। उन्होने मौसम विभाग के कार्यालय के पास जो नाला अपूर्ण बना है उसे भी शीघ्रता-शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिये। उन्होने फ्लाई ओवर निर्माण कि स्थिति के बारे में भी पूछताछ की जिस पर फ्लाई ओवर के अधिकारियों ने अवगत कराया कि माह अगस्त 2018 तक उक्त फ्लाई ओवर का कार्य पूर्ण हो जायेगा।
उन्होेन फ्लाई ओवर अधिकारियों को यह भी निर्देश दिये कि जहां मार्ग क्षतिग्रस्त हो वहां वर्किंग साइनेज लगायें तथा रात्रि के समय उक्त स्थानों पर प्रकाश की व्यवस्था सुनिश्चित करें, जिससे आवागमन सुविधा पूर्वक हो तथा कोई दुर्घटना न घटे। उन्होने कहा कि कार्य प्रारम्भ करने से पूर्व पानी का छिड़काव भी अत्यन्त आवश्यक है, जिससे आसपास रह रहे नागरिकों एवं राहगीरों को कोई परेशानी एवं दिक्कते न हों। आई.एस.बी.टी मार्ग का निरीक्षण करते हुए उन्होने निर्देश दिये कि रेलवे क्रासिंग पर डिवाईडर यातायात पुलिस के सामंजस्य से लगायें जाये। उन्होने निर्माण कार्य की धीमी प्रगति पर असंतोष व्यक्त करते हुए शीघ्रता-शीघ्र निर्माण करने के निर्देश दिये। आई.एस.बी.टी चैक का निरीक्षण करते हुए उन्होन फ्लाई ओवर के नीचे बनी पार्किंग का भी निरीक्षण किया, वहां उन्हे आटो चालकों तथा छोटे वाहन चालकों ने अवगत कराते हुए बताया कि एम.डी.डी.ए द्वारा पार्किंग का शुल्क 30 रू0 आटो से लिया जा रहा है, जो अत्यधिक है। उन्होने मासिक शुल्क 200 से 300 रू0 तक कराये जाने का अनुरोध जिलाधिकारी से किया। इस पर जिलाधिकारी ने कहा कि समस्या का निदान एम.डी.डी.ए के अधिकारियों से मिलकर शीघ्र किया जायेगा।
उन्होने लोक निर्माण विभाग, राष्ट्रीय राजमार्ग एवं ए.डी.बी के अधिकारियों से कहा कि शहर में विभिन्न एजेंसियों के माध्यम से मार्ग को गड्डा मुक्त करने का कार्य किया जा रहा है। उन्होने कहा कि सभी कार्यदायी संस्था आपसी समन्वय से अपने-2 कार्यक्षेत्र वाली सड़कों पर आपसी समन्वय के साथ सड़को को गड्डा मुक्त करने का कार्य करें, जिसके लिए प्रयुक्त की गयी सामग्री गुणवत्ता युक्त हो, क्योंकि बरसात के मौसम में पानी बार-2 पड़ने से वह पुनः टूट जायेगी, इसलिए जो भी कार्य किया जाये वह गुणवत्ता पूर्ण होना चाहिए। इसके पश्चात शहर की अन्य लिंक रोड पर कार्य करें। उन्होने निर्देश दिये कि टैªचिंग सही होनी चाहिए तथ पैच वर्क का कार्य संतोषजनक होने के साथ-2 जहां मार्गों पर अंधेरा है वहां लाईट की व्यवस्था भी करें, जिससे वाहन चलाते समय चालक की एकाग्रता बनी रहे।

निरीक्षण के दौरान उनके साथ एस.पी यातायात धीरेन्द्र गुंज्याल, अपर जिलाधिकारी वीर सिंह बुदियाल व अरविन्द पाण्डेय, लो.नि.वि के अधीशासी अभियन्ता अनिरूद्ध सिंह भण्डारी, निर्माण खण्ड के वाई.एस राजवंशी, अधिशासी अभियन्ता बलराम मिश्रा एवं ए.डी.बी तथा राष्ट्रीय राजमार्ग के अधिकारी मौजूद थे।