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दो साल में बैंकों को मिलेगी 2.11 लाख करोड़ की सरकारी पूँजी

नई दिल्ली. वित्त मंत्री अरुण जेटली के अनुसार घरेलू अर्थव्यवस्था बेहद मजबूत है.इसके साथ ही आर्थिक वृद्धि की रफ्तार को तेज बनाए रखने के उपाय भी किये जा रहे हैं.भारत गत तीन वर्षों से सबसे तेज रफ्तार से बढ़ने वाली प्रमुख अर्थव्यवस्था शुमार है.इसी कड़ी में सरकार ने डूबे कर्ज के बोझ से दबे सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को दो वर्ष में 2.11 लाख करोड़ रुपये की पूंजी डालने की योजना की भी घोषणा की.

बता दें कि वित्तीय सेवा सचिव राजीव कुमार के अनुसार इसमें से 1.35 लाख करोड़ रुपये बांड और शेष 76,000 करोड़ रुपये केंद्रीय बजट से दिए जाएंगे. वित्त मंत्री ने कहा कि बैंकों में यह पूंजी निवेश अगले दो वित्त वर्षों में किया जाएगा.इसके साथ ही बैंकिंग क्षेत्र में कुछ माह बाद और सुधार किए जाएंगे .उसी समय बैंक पूंजीकरण के बांड का स्वरूप और ब्योरा समय के साथ सार्वजनिक किया जाएगा.

उल्लेखनीय है कि जून, 2017 में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों की गैर निष्पादित आस्तियां (एनपीए) बढ़कर 7.33 लाख करोड़ रुपये हो गई. जबकि मार्च, 2015 में यह 2.75 लाख करोड़ रुपये थी. इसीलिए सरकार को इन बैंकों के लिए पूँजी निवेश करना पड़ रहा है. वित्त मंत्री ने कहा कि बैंकों को 'इंद्रधनुष योजना' के तहत 18,000 करोड़ रुपये दिए जाएंगे.