अपना शहर

नैनीताल के निर्माता ला. मोतीराम शाह भाग 11

नित्यानन्द मिश्र, अल्मोड़ा -
ड्राई फ्रुटस और किराना व्यवसायी के रूप में तफज्जुल हुसैन खुर्शीद हुसैन ने पर्याप्त नाम कमाया। मल्लीताल की पुरानी मस्जिद के निर्माण में श्री वार्सिद अली और श्री अब्दुल कयूम ने महत्वपूर्ण योगदान दिया। वर्तमान में उर्दू पत्रकारिता में श्री आबाद जाफरी महत्वपूर्ण कार्य कर रहे हैं। उनकी पत्रकारिता निर्भीक, निष्कपट और स्पष्ट दिशा की है। उनके विचार स्पष्ट और निर्भीक हैं। उनकी लेखन शैली स्पष्ट और दिशा पूर्ण है। तत्कालीन पुराने चिकित्सकों में डा. इन्द्रलाल गंगोला जी की यह विशेषता थी कि अपने मरीज की कुशल पूछने तब तक जाया करते थे जब तक वह पूर्ण स्वस्थ्य न हो जाय। उनका व्यवहार बहुत मृदु था। डा. प्रेमा जोशी महिला चिकित्सक के रूप में ही नहीं वरन् गरीबों व असहायों की सहायता के रूप में विख्यात रही। सेवानिवृत्ति के बाद अभी भी वह कौसानी में असहायों को धन तथा निःशुल्क दवा देकर उत्कृष्ट कार्य कर रही हैं। डा. माधो सिंह अधिकारी, बाल रोग विशेषज्ञ के रूप में तथा डा. पोडियाल ने नेत्र शल्यक के रूप में पर्याप्त यश प्राप्त किया। तल्लीताल कैन्ट के व्यापारी श्री आबिद खान ने अपने व्यवहार से सभी का हृदय जीत लिया। यूरोपियन स्कूलों में अण्डा, चिकन की पूर्ति किया करते थे। उनके पुत्रों द्वारा अपने पिता के व्यवसाय को निपुणता से चलाया जा रहा है। यूरोपियन स्कूलांे में कालान्तर में नैपोली बेकरी और शैकलेज़ बेकरी ने उत्कृष्ट खाद्य पदार्थों की पूर्ति कर यश प्राप्त किया। नगर पालिका अध्यक्ष के रूप में श्री बाल किशन सनवाल तथा श्री किशन सिंह तड़ागी का उत्ड्डष्ट योगदान रहा। श्री नन्दू चैधरी, नैनी वन्र्डस क्लब के तथा श्री लक्ष्मी दत्त मिश्रा सिविल सर्विसेज में उत्ड्डष्ट हाॅकी खिलाड़ी रहे थे। सीआरएसटी ओल्ड ब्वाइज ऐसोसिायेशन का खेल प्रतिभाओं को उभारने में महत्वपूर्ण योगदान रहा है। मैट्रन सुलीवान, सिस्टर गंगा नर्सिंग सेवा में लोकप्रिय रही। मिस्टर लैवालिन शेरवुड कालेज के लोकप्रिय प्रधानाचार्य थे। किराने व्यवसाय में श्री श्यामसुन्दर पंसारी ने जड़ी बूटियों के व्यवसाय तथा लक्ष्मी चन्द्र ने बर्तन व्यवसाय में बहुमूल्य योगदान दिया। श्री श्यामसुन्दर पंसारी स्वतंत्रता संग्राम सेनानी भी थे। तल्लीताल मंे श्री टीकाराम सुयाल, श्री बच्चीराम नैनवाल तथा श्री गोविन्द लाल साह ठुलघरिया, श्री शम्भुदत्त उपाध्याय कपड़े के व्यवसायी रहे।

तल्लीताल नये बाजार के श्री नारायण दत्त गुरूरानी दूध व दही के एकमात्र विक्रेता थे। वह स्वच्छता प्रिय थे। बाद में उन्होंने बर्तन व्यवसाय में ख्याति प्राप्त की थी। देवी रेस्टोरैण्ट के श्री देवीलाल साह, गौरी निवास के श्री किशोरीलाल साह तथा श्री जीवन लाल साह ने उत्ड्डष्ट भोजन, स्नैक्स, चाय तथा टिकियां, समोसों से पर्यटकों को आकर्षित किया। श्री मोहन लाल वाणिज्य अध्यापक के रूप में लोकप्रिय रहे। श्री सोनी और श्री जैन ने वनाधिकारी के रूप में ख्याति प्राप्त की थी। उदय मिष्टान भण्डार, श्री बेलवाल स्वीटहाउस तथा श्री दीवान सिंह पैगम्बर साहब उच्चकोटि के मिष्टान के निर्माण में  हस्त रहे हैं।
श्री भगवती प्रसाद पाण्डेय हस्त घड़ी साज के रूप में प्रसिद्ध रहे। आजादी के पूर्व नया बाजार तल्लीताल में हगीबल्लू शेख व उनके पुत्र हस्मत तंबाकू व शीरे के प्रमुख व्यापारी रहे। वर्तमान में अत्याधुनिक प्रिंसेस और मोहिनार ओप्टिकलस के लिए प्रसिद्ध रहे। नया बाजार में मिश्रा जी की स्वादिष्ट मिठाई व नमकीन की दुकान मंगल को बच्चों को मिठाई प्रसाद के रूप में दिया करते थे।
पूर्व में तल्लीताल के गंगा स्टोर, परमेश्वरी एण्ड सन्स, दर्शन ब्रदर्स ने किराने व्यवसायी में पर्याप्त ख्याति प्राप्त की। तल्लीताल में भी दर्शनलाल छावड़ा ने अपने व्यवहार से प्रसिद्ध प्राप्त की। तल्लीताल में श्री नन्दलाल साह सामुहिक उत्सवों में अनुशासन रखने के लिए प्रसिद्ध थे। उनके साथियों में श्री श्यामलाल साह, श्री किशन दास कौनी के पिता ने पर्याप्त नाम कमाया। श्री जोगा साह ब्रिटिशकाल में हाथ में फरसी और चिलम लेकर माल रोड में घूमा करते थे। श्री हीरालाल साह सन्त भक्ति के लिए प्रसिद्ध रहे। तल्लीताल में श्री लीलाधर पंत कानूनी सिंघल हेतु प्रसिð रहे थे। श्री बद्रीदत्त तिवाड़ी, श्री देवीलाल साह तथा श्री गोपाल चैरसिया पान हेतु प्रसिद्ध थे। श्री कृष्णानन्द जोशी डिप्टी कलेक्टर, श्री दुर्गासाह, श्री प्रेम लाल साह नगर के सम्मानित व्यक्ति थे। श्रीमती जीवन्ती देवी तथा श्रीमती शकुन्तला देवी, जीवन्ती देवी ने प्राथमिक शिक्षा में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
नगर के सबसे प्राचीन नैनीताल बैंक के स्थापकों में लाल साह, श्री गीलसाह, श्री मथुरादत्त पाण्डे, श्री दयाकिशन त्रिपाठी तथा श्री इश्वरीदत्त पाण्डे का बहुमूल्य योगदान रहा। श्री जगत सिंह नेगी नगरपालिका टौल अधीक्षक के रूप में प्रसिद्ध रहे। वर्तमान में पयर्टन विकास हेतु Y.T.D.O Tours and Travels, हीना ट्रेवल्स, का महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं।