अपना शहर

नैनीताल के निर्माता ला. मोतीराम शाह भाग 7

नित्यानन्द मिश्र, अल्मोड़ा -
नगर में साम्यवादी विचारधारा का भी उदय हुआ। साम्यवादियों में श्री विश्वम्भर नाथ साह (सखा), जगन उस्ताद, का0 पूरन साह अपना विशेष महत्व रखते थे।
जगन उस्ताद श्री जगदीश लाल साह नगर के प्रमुख समाजसेवक थे। नगर के छात्रों को उन्होंने तैराकी का प्रशिक्षण दिया। कई डूबतों को नवजीवन दिया तथा लावारिस लाशों की अंत्येष्टि क्रिया की। उनकी स्मृति में अभी भी तैराकी प्रतियोगिता होती है।
श्री विश्वम्भर नाथ साह (सखा) कला मर्मज्ञ, संगीत साधक व नाट्य कला के पारखी थे। नगर के सामाजिक जीवन में श्री इन्द्र लाल साह सेक्रेट्री, श्री रामगोपाल साह, श्री लक्ष्मी प्रसाद साह, श्री प्रेम बल्लभ भट्ट (ठेकेदार), श्री मथुरा लाल साह तथा वयोवृद्ध श्री बाँके लाल साह का उत्कृष्ट स्थान था।
मल्लीताल की रामलीला आयोजन में इन महानुभावों ने अपना तन-मन-धन अर्पित कर दिया। नगर के प्रमुख व्यक्तियों में श्री भवनीदास सर्किल इन्सपेक्टर, श्री बंशी लाल वर्मा प्रधान, श्री राम किशन त्रिपाठी (चीनाखान), श्री देवीदत्त कबडवाल, श्री तारा दत्त पन्त (पाली गांव, कोर्ट ), श्री भोला दत्त जोशी (ओलिया गाँव), श्री तारा दत्त पन्त (तारा लाॅज), श्री गाँगी साह फोटोग्राफर और श्री भैरव दत्त पन्त (टेलीफोन), श्री रामदत्त जोशी (पाटिया, पोस्टमास्टर) समाज में अपना विशिष्ट स्थान रखते थे।
श्री चिन्तामणि पन्त के द्वारा इलाहाबाद हाईकोर्ट का निर्माण किया गया। नगर की उत्ड्डष्ट धार्मिक पृष्ठभूमि के कारण बाबा हैड़ाखान, पूज्य नानतिन बाबा, पूज्य मोहन बाबा तथा पूज्य नीबकरौरी, श्री ब्रह्मचारी बाबा तथा स्वामी हीरानन्दजी को यह स्थान बहुत प्रिय था।
नगर के डाॅ0 रतन सिंह बिष्ट का चिकित्सकीय योगदान ब्रिटिशकाल में महत्वपूर्ण था। उनके पुत्र श्री राम सिंह नगर के प्रतिष्ठित वकील थे। उन्हीं के अनुज श्री दिलीप सिंह भारत सरकार में शिक्षा विभाग में छण्ब्ण्म्ण्त्ण्ज्ण् में उच्च पद पर आसीन थे।
नगर के प्रमुख प्रतिष्ठानों में मामू स्वीट हाउस के श्री आनन्द सिंह बिष्ट प्रमुख कलाकार थे। उनका रावण का अभिनय लोक प्रसिद्ध था। उन्हीं के अनुज श्री किशन सिंह बिष्ट का रेस्टोरेण्ट पर्यटकों को भोजन के लिए आकर्षित करता है।
श्री सुरजी साह तथा श्री दुर्गादत्त तिवाड़ी अपनी लोटे वाली जलेबी के नाम से पर्यटकों को आकर्षित कर रहे हैं।
मल्लीताल फ्लैट्स में श्री भगत जी की शुद्ध घी द्वारा निर्मित टिकिया और दालमोठ प्रसिद्ध थी। श्री दुर्गासाह ‘मामू’ की लोकप्रिय पान की दुकान लोगों को अपनी ओर आकर्षित करती है।
आज नगर में निर्मित दालमोठ भारत प्रसिद्ध है। युगमंच और हुड़का प्रकाशन नगर में साहित्यिक गतिविधियों को सजग किये हुए है। इसमें श्री प्रकाश चैधरी का विशेष स्थान था।
पदम्श्री शेखर पाठक तथा प्रो॰ अजय रावत नगर के उदीयमान इतिहासकार हैं। प्रो0 शेखर पाठक द्वारा सम्पादित ‘पहाड़’ पत्रिका पहाड़ की राजनीतिक, सामाजिक, आर्थिक तथा भौगौलिक दशा का वर्णन करती है।
नारी जागरण में डाॅ0 उमा भट्ट द्वारा सम्पादित ‘वामा’ पत्रिका का विशेष स्थान है। मैती और जागर संस्थाओं का इसमें योगदान है। इस आन्दोलन में श्रीमती शीला रजवार का उल्लेखनीय स्थान है।
नगर के प्रमुख वस्त्र विक्रेताओं में श्री आत्मा राम एण्ड सन्स, श्री भुक्कन लाल एण्ड सन्स, हरी चन्द्र टेलर श्री धनी राम एण्ड सन्स, डीलक्स टेलर (मास्टर पनीराम एण्ड सन्स), जर्नल स्टोर तथा बाॅम्बे क्लाॅथ हाउस का विशेष स्थान है।
श्री वशी अहमद के जूते चप्पल पर्यटकों को विशेष पसन्द है।
फैन्सी वुड क्राफ्ट के श्री चन्द्र दत्त पाण्डे तथा बाबू तुला राम साह की छडि़याँ पर्यटक अपने साथ ले जाना नहीं भूलते हैं।
नगर के प्रमुख पर्यटक स्थलों में शेर का डांडा, अयारपाटा, चायनापीक, स्नो व्यू, डोरोथी सीट, किलबरी तथा ड्डतिम बगीचे व गुफायें पर्यटकों को आकर्षित करती हैं।
विश्व प्रसिद्ध आर्यभट्ट प्रक्षेपणशाला यहाँ का प्रमुख आकर्षण है। ब्रह्मण्ड में होने वाली खगोलीय घटनाओं का आर्कषण उच्च क्षमता की दूरबीन से यहाँ देखा जा सकता है। इस संस्था के निदेशकों में डाॅ0 सिंघल तथा डाॅ0 महेश चन्द्र पाण्डे का विशेष स्थान था। डाॅ0 रामसागर के दिशा निर्देशन में वेधशाला ने प्रगति के पथ पर नये आयाम स्थापित किये।