अपना शहर

नैनीताल के निर्माता ला. मोतीराम शाह भाग 8

नित्यानन्द मिश्र, अल्मोड़ा -
डाॅ0 बहाबुद्दीन, डाॅ0 पी0सी0 पन्त यहाँ के प्रमुख खगोलीय वैज्ञानिक हैं। श्रीमती गंगोत्री गब्र्याल तथा श्रीमती मार्तण्ड ने अपने उत्कृष्ट अध्यापन से ख्याति प्राप्त की थी।
नगर की उत्कृष्ट शिक्षण संस्थाओं मंे विड़ला मन्दिर, सेण्ट अमतुल्स, शेरवुड काॅलेज, सेण्ट जोजफ काॅलेज, सेण्ट मेरीज काॅनवेन्ट, भारतीय शहीद सैनिक विद्यालय, राजकीय इण्टर काॅलेज, रा0बा0इ0का0 तथा चेतराम साह ठुलघरिया इण्टर काॅलेज का विशेष स्थान है।
शेरवुड काॅलेज के पूर्व छात्रों में जनरल मानेक शाॅ, श्री अमिताभ बच्चन, श्री कबीर बेदी तथा श्री नसीरूद्दीन शाह का विशेष स्थान है।
बिड़ला विद्यामन्दिर के छात्रों में सेना, चिकित्सा तथा भारतीय प्रशासनिक सेवा में अनेक छात्र कार्यरत हैं।
अनिल सद्गोपाल ख्यातिप्राप्त अधिवक्ता हैं।
मेजर जनरल आर0एस0तड़ागी, ले0 जनरल कल्याण सिंह, ले0 जनरल गिरजा शंकर मिश्र तथा कर्नल जगदीश लोहनी आदि।
इसी विद्यालय के श्री इन्दु पाण्डे प्रमुख सचिव वित्त, उत्तराखण्ड हैं।
रा0इ0काॅ0 के छात्र श्री पी0 के0 पाण्डे रूड़की विश्वविद्यालय में प्रोफेसर के पद पर कार्यरत रहे।
रा0इ0काॅ0 के छात्र श्री प्रभात जोशी वर्तमान में उत्तराखण्ड के पुलिस महानिदेशक के पद पर आसीन हैं।
नगर के प्रतिभाशाली छात्र श्री निर्मल पाण्डे ने अभिनय कला में पर्याप्त यश प्राप्त किया।
श्री रमेश त्रिहन बिड़ला विद्या मन्दिर के छात्र ख्याति प्राप्त हृदय रोग विशेषज्ञ हैं।
सेण्ट जोजफ के छात्र श्री कृष्ण चन्द्र पन्त भारत सरकार में अनेक महत्वपूर्ण मंत्री पदों पर आसीन रहे तथा 10वें वित्त आयोग के अध्यक्ष और आयोग के उपाध्यक्ष रहे।
चेतराम साह इण्टर काॅलेज के पूर्व छात्र श्री नारायण तिवारी भारत सरकार, उत्तर प्रदेश एवं उत्तरांचल सरकार मंे केन्द्रीय मंत्री और मुख्यमंत्री के रूप में प्रतिष्ठित रहे।
ग्रैण्ड होटल के श्री केशव दत्त पाण्डे तथा उनके पुत्र श्री अजय पाण्डे प्रमुख समाजसेवी रहे।
नगर के व्यवसाय में श्री श्याम सुन्दर पंसारी अपना विशेष स्थान रखते थे। वे गांधीवादी तथा स्वतंत्रता संग्राम सेनानी थे।
प्रो0 वी0 एस0 राजपूत तथा प्रो0 रमेश चन्द्र पन्त उपकुलपति के कार्यकाल से कुमाऊँ विश्वविद्यालय में अनुशासन एवं पठन पाठन के कार्य में उल्लेखनीय प्रगति हुई।
सेण्ट मेरीज काॅनवेण्ट की सिस्टर मार्गेट तथा मदर सुपीरियर का शिक्षा में विशेष योगदान रहा। कालान्तर मंे नैनीताल में राजा महाराजाओं ने अपने आवास बनवाये यथा आवागढ़ स्टेट, राजा महमूदाबाद की कोठी, शहजहाँपुर के राजा जितेन्द्र प्रसाद की कोठी, रामपुर के नवाब की कोठी तथा पीलीभीत के राजा की कोठी। ग्रीष्मकाल में ये यहाँ आकर प्रकृति का आनन्द लिया करते थे।
वर्तमान में यहाँ योगीराज अरविन्द का ध्यान केन्द्र है जिसके व्यवस्थापक श्री नलिन ढोलकिया हैं। वह एक अच्छे संगीतकार हैं।
श्री हरीकीर्तन सभा के श्री मातृण्ड जन्मन्ध थे। वे नगर के अच्छे तबलावादक रहे। इसी संस्था में प्रख्यात सितारवादक श्री देवराम, संगीतज्ञ श्री महेश नेपाली, श्री विजय कृष्ण, श्री हरकिशन लाल साह जुड़े हैं। वर्तमान में श्री कान्ता प्रसाद साह के दिशा निर्देशन में शारदा संघ प्रगति के पथ पर है।
नगर के प्रमुख वनाधिकारियांे में श्री एन0 पी0 त्रिपाठी, श्री गिरिश चन्द्र पाण्डे, श्री डी0 एल0 साह, श्री एम0 डी0 चतुर्वेदी, श्री ईश्वरीदत्त पाण्डे, श्री जे0 एस0 मेहता, श्री वी0 एस0 रावत, श्री दुर्गाचरण पाण्डे, श्री हेम चन्द्र जोशी, श्री डी0 एन0 लोहनी अपनी कत्र्तव्यनिष्ठा व ईमानदारी से पूरे उत्तर प्रदेश में प्रसिद्ध रहे। श्री डी0 पी0 जोशी तथा श्री डी0 एन0 लोहनी प्रमुख वन संरक्षक उत्तर प्रदेश के पद पर कार्यरत रहे।
श्री डी0 एन0 लोहनी के पिता श्री गोपी बल्लभ लोहनी नगर के वयोवृद्ध व सम्भ्रान्त व्यक्ति थे। वे अंगे्रजी के प्रकाण्ड विद्वान थे।
नगर के वनाधिकारियों मंे श्री नारायण दत्त बचखेती ने कर्तव्यनिष्ठा हेतु पर्याप्त ख्याति प्राप्त की थी। वह भारत सरकार में इन्सपेक्टर जनरल फोरेस्ट के पद पर भी आसीन रहे। प्रख्यात स्वतंत्रता सेनानी श्री इन्द्र सिंह नयाल के पुत्र श्री जितेन्द्र सिंह नयाल ने वनाधिकारी के रूप में सम्मान अर्जित किया। उन्हीं के अनुज श्री अरविन्द नयाल भारतीय पुलिस सेवा के कर्मठ अधिकारी हैं।