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नैनीताल नगरपालिका के आवासों पर कब्ज़ा खाली करना होगा - शहरी विकास विभाग का आया आदेश

नैनीताल – नैनीताल नगरपालिका के आवासों पर वर्षों से कब्ज़ा जमाये और अवैध रूप से रह रहे लोगो के लिए बुरी खबर है. पालिका के आवासों पर कब्ज़ा जमाये रिटायर कर्मचारियों एवं अवैध कब्जेदारों को शहरी विकास निदेशालय के आदेश ने बड़ा झटका दिया है. शहरी विकास विभाग के अपर निदेशक उदय सिंह राणा की ओर से चेयरमैन व अधिशासी अधिकारी को भेजे शासनादेश में अनधिकृत रूप से काबिज सेवारत व सेवानिवृत्त कर्मचारियों को 15 दिन का नोटिस देकर आवास खाली कराने को कहा है। आवास खाली न करने की दशा पर मुकदमा दर्ज करने के निर्देश भी दिए हैं। साथ ही रिकवरी एक्ट के अंतर्गत दंडनीय किराया वसूली किए जाने के आदेश भी पारित किए हैं।
नैनीताल में नगर पालिका के पांच सौ से अधिक आवासों पर रिटायर कर्मचारियों तथा अन्य लोगों के द्वारा अवैध कब्ज़ा हैं। पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में इन आवासों पर रह रहे लोगों को मालिकाना हक देने के लिए शासन स्तर पर काफी माथापच्ची हुई। उच्च नयायालय उत्तराखंड में भी इस सम्बन्ध में एक वाद विचाराधीन है किन्तु इधर २७ अक्टूबर को शहरी विकास विभाग के अपर निदेशक उदय सिंह राणा की ओर से जारी आदेश ने सर्वोच्च न्यायालय के एसडी बांदी बनाम डिविजनल ऑफिसर में पारित आदेश के हवाला देते हुए कार्रवाई करने को कहा है। इस आदेश में यह साफ तौर पर कहा गया है कि शासन व निदेशालय के संज्ञान में आया है कि निकायों के आवासों पर सेवानिवृत्त कर्मचारियों तक बाहरी व्यक्ति अनधिकृत रूप से रह रहे हैं, जिन्हें अब खाली करना होगा।