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नैनीताल में पार्किंग का स्थायी समाधान तलाशा जाय

नैनीताल शहर में पार्किंग हेतु जगह चिन्हित करने व यातायात को नियन्त्रित करने सम्बन्धित बैठक जिलाधिकारी दीपेन्द्र कुमार चौधरी की अध्यक्षता में आयोजित हुई। पार्किंग पर विशेष चर्चा करते हुए वरिष्ठ अधिवक्ता एम0सी0 पाण्डेय द्वारा सुझाव दिया गया कि नैनीताल में पार्किंग की दीर्घकालीन स्थाई समाधान हेतु रानीबाग, कालाढुंगी में बड़ी पार्किंग बनाई जाए तथा तत्कालीक समाधान हेतु शहर व शहर के आस-पास छोटे-छोटे पार्किंग स्थल तलाशे जाये। उन्होंने बताया कि जू-रोड से कैलाखान पूर्व चंूगी तक सड़क मार्ग विकसित कर बाईपास के रूप में यातायात को रेगुलेट किया जा सकता है।
डाॅ0 शेखर पाठक द्वारा सुझाव दिया गया कि नैनीताल शहर में लोगों के पास लगभग 3500 वाहन है मगर शहर मंे मात्र लगभग 300 छोटे वाहनों की पार्किंग मौजूद है इसलिए शहर के लोगों के वाहनों को देखते हुए उनके छोटे-छोटे पार्किंग स्थल तलाशे जाय। साथ ही अवैध रूप टैक्सी संचालन पर भी रोक लगाई जाय।
बैठक में सुझाव आया की नाला नम्बर 23 को जलसंस्थान को नीचे तक कवर कर छोटी पार्किंग विकसित की जा सकती है इसी तरह तल्लीताल फांसी गधेरे में अवैध रूप से वाहन खड़े रहते हैं उसे भी सशुल्क पार्किंग के रूप में उपयोग किया जाय। तल्लीताल लकड़ी टाल पर बने पार्किंग को एक मंजिला और बनाया जा सकता है साथ ही उसके नीचे बने तीन मंजिलों को पार्किंग में उपयोग किया जा सकता है।
जिलाधिकारी श्री चौधरी ने बताया कि ये सभी सुझाव शनिवार 12 अगस्त को आईआईटी की टीम जो नैनीताल शहर में पार्किंग व यातायात नियंत्रण की सर्वे करने आ रही है उसे दिये जायेगें।
बैठक में अपर जिलाधिकारी हरवीर सिंह, अपर पुलिस अधीक्षक हरीश चन्द्र सती, एआरटीओ असित झा , अधिशासी अधिकारी नगर पालिका रोहिताश शर्मा आदि मौजूद थे।