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पौराणिक गाथाओं के चिरंजीवी वेद व्यास

पौराणिक गाथाओं के चिरंजीवी
मीना नयाल नैनीताल.
व्यास (वेद व्यास)- ये महर्षि व्यास, वेद व्यास, कृष्ण द्वैपायन के नाम से भी जाने जाते हैं। महर्षि पाराशर इनके पिता व सत्यवती (जो बाद में कुरु वंश के प्रसिद्ध राजा शान्तनु की महारानी बनीं) माता थीं। गुरु वशिष्ठ इनके पितामह थे। यह वेद-वेदांगों के जानकार व व्याख्याता थे। पुराणों की रचना इनके द्वारा ही हुई। पाँचवे वेद के समान माने जाने वाले ”महाभारत“ महाकाव्य के रचनाकार भी यही हैं। महाभारत का ”श्रीमद्भागवत्“ केवल सनानतम हिन्दू धर्मावलम्बियों के लिये ही नहीं, संसार भर के लिये ज्ञान, भक्ति, कर्म के उच्चतम दर्शन (Philosophy) और मानव जीवन को आदर्श की ओर ले जाने वाला मार्गदर्शक है। महर्षि व्यास को भगवान विष्णु का अवतार भी माना जाता है। त्रेता के अन्त में इनका जन्म हुआ। सम्पूर्ण द्वापर के पश्चात कलियुग में भी इन्हें सशरीर जीवित माना जाता है।