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बीमा का महत्व?

बीमा का महत्व?
बीमा को हमारे देश में अपनी जरूरत से ज्यादा ऐजेंट या बीमा कम्पनी की जरूरत मानते हुए खरीदने की परम्परा रही है। जिसका सबसे बड़ा दुश्प्रभाव यह रहा है कि अधिकांश बीमा लोगो के द्वारा बगैर सोचे समझे या उनकी गुणवक्ता को समझे हुए खरीद लिया जाता है। जिस कारण लोगों को बीमा के पूर्ण लाभ से कई बार वंचित होना पड़ता है। किस व्यक्ति को कब और किस प्रकार के बीमा की आवश्यकता है यह बेहद महत्वपूर्ण बात है। बीमा का उद्देश्य अप्रिय स्थितियों के प्रभाव को कम करना होता है जो कि अप्रिय स्थिति में बीमित व्यक्ति के आश्रितों को उस कठिन दौर में आर्थिक सहायता प्रदान कर सके। बीमा कराने वाले व्यक्ति और बीमा करने वाली कम्पनी के बीच का करार या अनुबंध है जोकि बीमित व्यक्ति को इस बात से आश्वस्त करता है कि बीमित व्यक्ति की मृत्यु, अपंगता और बीमारी जैसी दशाओं में, जोकि दस्तावेजों में जो बीमा व्यक्ति द्वारा खरीदा गया है उसमें वर्णित है, बीमा कराने वाले व्यक्ति या उसके आश्रितों को दिया जायेगा। बीमा जीवन में जोखिम के प्रभाव को कम करता है। बीमा आज के समय में जोखिम को कम करने का कारगर उपाय है। बीमा हमेशा सोच कर, समझकर, बगैर किसी दबाव के खरीदना चाहिए। बीमा वृन्यि सुरक्षा का एक आसान उपाय है जोकि बचत, सुरक्षा, पेंशन व भविष्य की योजनाओं और संभावनाओं को ध्यान में रखकर किया जाता है। बीमा सिर्फ मृत्यु पर ही नहीं लम्बे समय तक जीवित रहने पर भी आर्थिक सहायता प्रदान करता है और जीवन को सरल बनाता है। बीमा आश्रितों की शिक्षा की जरुरत, जीवन स्तर को समान बनाये रखने, एक उम्र के बाद आर्थिक सहारा, बीमारी में होने वाले खर्च और दुर्घटना की स्थिति मंे सहायता करता है। यदि कोई व्यक्ति ऋण लेकर कार्य कर रहा हो तो मृत्यु की दशा या किसी अनहोनी की दशा में उस ऋण के प्रभाव से आश्रितों को मुक्त रख सकता है। जब भी बीमा खरीदें प्रपोजल फार्म को स्वयं और सही-सही भरा जाय। बीमा कराने का मुख्य उद्देश्य और विषम परिस्थितियों पर पड़ने वाली जरूरत को ध्यान में रखकर ही बीमा का चयन करना अति आवश्यक है। बीमा खरीदने के लिये बीमा एजेंट का एक अच्छा माध्यम है। बीमा कम्पनी और ऐजेंट के चयन में भी सावधानी बेहद आवश्यक है, नहीं तो आप नुकसान उठा सकते हैं बीमा के लाभ और जोखिम को भी भलि भाँति समझ लेना चाहिए ताकि स्वयं या आश्रितों को क्लेम में असुविधा ना हो। बीमा की प्रीमियम को सही समय पर, समय रहते जमा कर लेना चाहिए। नहीं तो मिलने वाले लाभ कम या समाप्त हो सकते हैं। बीमा भविष्य की जरुरतों को ध्यान में रखकर खरीदना चाहिए ताकि इस पर किया गया निवेश सफल हो। बीमा जितना बेचने वाले के लिये महत्वपूर्ण है उससे कहीं ज्यादा खरीदने वाले के लिये महत्वपूर्ण है। बीमा खरीदते समय भ्रम की स्थिति या उत्पाद के किसी ऐसे दावे पर सहमत ना हों जो संभव प्रतीत ना हो रहा हो, भ्रामक जानकारी और गलत जानकारी देने से बचना चाहिए। नहीं तो दावे के वक्त समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। सही बीमा का चयन कर जीवन में संभावित चिंताओं से मुक्त हुआ जा सकता है।