अर्थ तंत्र

बेहतर है सुकन्या समृद्धि योजना

पी पी एफ खाते से
बेहतर है सुकन्या समृद्धि योजना
मनुज पाण्डे, देहरादून -
सरकार की ओर स्पाॅन्सर्ड सुकन्या समृद्धि योजना (एसएसवाई) अधिक ब्याज और टैक्स - फ्री इनकम आॅफर करती है, लेकिन यह 10 वर्ष से कम उम्र वाली बालिकाओं के लिए है और इसमें लाॅक - इन पीरियड भी लंबा है। इसमें इनवेस्टमेंट से पहले इसके बेनफिट्स और कमियों पर नजर डालें। क्या आप अपनी छोटी बेटी की एजुकेशन या मैरिज के लिए प्राॅविडेंट फंड (पीपीएफ) और फिक्ड डिपाॅजिट (एफडी) में इनवेस्टमेंट करने पर विचार कर रहे हैं? ऐसे में सुकन्या समृद्धि योजना बेहतर विकल्प हो सकती है। यह स्कीम जनवरी में प्रधानमंत्री की ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ पहल के तहत लाॅॅच की गई थी। पीपीएफ के मुकाबले एसएसवाई ज्यादा आकर्षक है क्योंकि इसमें इंटरेस्ट रेट अधिक है।

 
सुकन्या समृद्धि                                               पी पी एफ
किसके लिए है? -                           केवल बालिकाओं हेतु                             कोई भी आवेदन कर सकता है।

आयु सीमा -                            जन्म लेने के बाद या बालिका के         बालिग व्यक्ति द्वारा या नाबालिक होने की स्थिति
10 वर्ष की आयु पूर्ण करने तक।        मेें प्राकृतिक अभिभावक या कानूनी अभिभावक द्वारा
खाता कहां खोल                 पोस्ट आफिस या किसी भी राष्ट्रीयकृत        पोस्ट आफिस, राष्ट्रीयकृत बैंक या प्राइवेट बैंक में ।
सकते हैं-                        बैंकों में/प्राइवेट बैंकों में खाता नहीं खुलेगा।

खाते की सं0 -               प्रत्येक बालिका के नाम से अधिकतम दो खाते।     एक व्यक्ति के नाम पर केवल एक खाता।

न्यूनतम योगदान -                             1000 रूपया                                               500 रूपया

अधिकतम योगदान -     सभी खातों में रू0 1.50 लाख तक जमा सालाना।     अधिकतम रू0 1.50 लाख सालाना जमा।

ब्याज दर-                               वित्तीय वर्ष 2014-15 के लिए                        वित्तीय वर्ष 2014-15 के लिए
प्रतिवर्ष 9.1 प्रतिशत की दर से।                     प्रतिवर्ष 8.7 प्रतिशत की दर से।
योगदान पर कर लाभ -       आयकर अधिनियम की धारा 80c के                          समान कर योग्य छूट।
अन्तर्गत कर में पूर्ण छूट।