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भ्रष्टाचार के प्रति जागरूकता से ही भ्रष्टाचार मुक्त भारत का निर्माण- त्रिवेन्द्र सिंह रावत

देहरादून। त्यागशील मनुष्य सर्वत्र ही एवं हमेशा पूजे जाते है। महर्षि दधीचि ने मनुष्यों की रक्षा के लिये भी अपने जीवन का त्याग किया था, जिस कारण आज भी उन्हें पूजा जाता है। इस प्रकार से हमें भी भ्रष्टाचार मुक्त भारत बनाने के लिये हमें सतर्कता बरतने की आवश्यकता है। यदि हम भ्रष्टाचार के प्रति जागरूक रहेंगे तो ही हम भ्रष्टाचार मुक्त भारत का निर्माण कर सकते हैं। यह विचार उत्तराखंड के मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने मंगलवार को ए.एम.एन घोष आॅडिटोरियम में आयोजित सतर्कता जागरूकता सप्ताह-2017 के अंतर्गत, एक दिवसीय संगोष्ठी ‘‘मेरा लक्ष्यः भ्रष्टाचार मुक्त भारत‘‘ में सम्मिलित होकर दिए । कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि भ्रष्टाचार मुक्त भारत बनाने के लिये हमें सतर्कता बरतने की आवश्यकता है। यदि हम भ्रष्टाचार के प्रति जागरूक रहेंगे तो ही हम भ्रष्टाचार मुक्त भारत का निर्माण कर सकते हैं।
त्याग की महत्ता को समझाते हुए मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि त्यागशील मनुष्य की हमेशा पूजा होती है। महर्षि दधीचि ने मनुष्यों की रक्षा के लिये भी अपने जीवन का त्याग किया था, जिस कारण आज भी उन्हें पूजा जाता है। भगवान राम ने एक आदर्श जीवन अपनाकर आदर्श जीवन जीने की मनुष्यों को प्रेरणा दी। जब तक हम अपने जीवन को संयमित नहीं करते, भ्रष्टाचार को नहीं रोका जा सकता। हमें भी अपने जीवन को भ्रष्टाचार से दूर रखना होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार भी भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टोलरेन्स की नीति अपना रखी है।
प्रमुख सचिव (सतर्कता) श्रीमती राधा रतूड़ी ने कहा कि सतर्कता विभाग, भ्रष्टाचार के केसों को हल करने के लिये आधुनिक तकनीक का प्रयोग कर रहा है। ऐसे केसों को हल करने में अधिक समय न लगे इस पर सरकार द्वारा कार्य किया जा रहा है। भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने के लिये राज्य सरकार ने अधिक से अधिक सेवाओं को सेवा के अधिकार के अंतर्गत रखा है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने सतर्कता जागरूकता बोर्ड, सतर्कता जागरूकता जिंगल एवं एक लघु फिल्म की सीडी का भी विमोचन किया। इस अवसर पर निदेशक सतर्कता श्री राम सिंह मीणा, चीफ सी.एस.आर., ओ.एन.जी.सी. श्री आलोक मिश्रा एवं महाप्रबन्धक ओ.एन.जी.सी. श्रीमती प्रीता पंत ब्यास भी उपस्थित थीं।