विज्ञान जगत

मंगल ग्रह में क्यूरोसिटी रोअर भी खींच रहा सेल्फी - रोवोटिक आर्म की मदद से सेल्फी की करीब 138 तस्वीरें भेजी - वैज्ञानिकों के अध्ययन की चुनौनियां कम कर रहा है रोअर

मंगल ग्रह में क्यूरोसिटी रोअर भी खींच रहा सेल्फी
- रोवोटिक आर्म की मदद से सेल्फी की करीब 138 तस्वीरें भेजी
- वैज्ञानिकों के अध्ययन की चुनौनियां कम कर रहा है रोअर
नवीन पालीवाल, नैनीताल-
मंगल ग्रह में अध्ययन के लिए भेजे गए क्यूरोसिटी मार्स रोअर सतह के साथ-साथ खुद की भी सेल्फी क्लिक कर पृथ्वी में भेज रहा है। मंगल ग्रह में जीवन संभावनाओं की तलाश में वर्ष 2011 में भेजा गया यह रोअर खगोल वैज्ञानिकों को अध्ययन के लिए अब तक लाखों तस्वीरें भेज चुका है।
नैनीताल स्थित आर्यभट्ट प्रेक्षण एवं शोध केंद्र यानि एरीज के खगोल वैज्ञानिक डा. शशि भूषण पांडे ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि क्यूरोसिटी रोअर ने इसमें लगे खास यंत्र रोवोटिक आर्म की मदद से नासा को सेल्फी की करीब 138 तस्वीरें भेजी हैं। उन्होंने बताया कि मंगल में जीवन की संभावनाओं की अध्ययन के लिए गत 26 नवंबर 2011 को अमेरिका के कैंप कैनवेरल स्थान से भेजा गया था। 6 अगस्त 2012 को यह मंगल ग्रह में पहुंचा। रोअर मंगल में घूमकर जमीन, मिट्टी व चट्टानों के नमूनों को एकत्रित कर इनकी रिपोर्ट नासा को भेज रहा है। इसके द्वारा भेजे गए नमूनों व तस्वीरों से खगोल वैज्ञानिकों को कई रहस्यों को सुलझाने व समझने में मदद मिली है। साथ ही वायुमंडल, भौगोलिक संरचना व तत्वों में शोध के लिए सैकड़ों नमूने भी मिले हैं। उन्होंने बताया कि क्यूरोसिटी रोवर को 668 दिनों के मिशन के लिए तैयार किया था। इसके बाद भी यह निरंतर कार्य कर रहा है। इसे अब करीब 1200 दिन पूरे हो चुके हैं। इससे मिले नमूनों व तस्वीरों की मदद से मंगल पर चल रहे शोध कार्यो को बल मिला है।
मंगल में अधिक संभावनाएं है जीवन की?
नैनीताल । अन्य ग्रहों की अपेक्षा मंगल ग्रह में जीवन की अधिक संभावनाएं हैं। एरीज के खगोल वैज्ञानिक डा. शशि भूषण पांडे ने बताया कि मंगल में बर्फ मिलने के प्रमाण इस संभावना को बल देते है। साथ ही इस ग्रह में पृथ्वी की तरह चट्टाने व पहाड़ भी हैं। पूर्व में शोध व अभियानों ने इस संभावना को बल दिया है।