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मणिपुर NIT में बिहारी छात्रों समेत करीब 150 छात्रों ने छोड़ा हॉस्टल

पटना. मणिपुर एनआईटी में बिहार के छात्रों समेत अन्य राज्यों के साथ हुई मारपीट का मामला ठंडा होता नजर नहीं आ रहा है. मारपीट के मामले में आरोपितों की गिरफ्तारी नहीं किये जाने से नाराज बिहार समेत अन्य राज्यों के छात्रों ने एनआईटी का हॉस्टल छोड़ दिया है. जानकारी के मुताबिक, एनआईटी ग्राउंड में बाहरी छात्रों के खेलने से उपजे विवाद में स्थानीय लोगों और पुलिस द्वारा किये गये लाठीचार्ज में एनआईटी में पढ़ रहे बिहार समेत कई राज्यों के करीब 35 छात्र घायल हो गये थे. स्थानीय पुलिस द्वारा आरोपितों की गिरफ्तारी नहीं किये जाने से नाराज बिहार समेत उत्तर प्रदेश और राजस्थान के छात्रों ने हॉस्टल छोड़ दिया है. सभी छात्र धरने पर बैठ गये हैं. बाहर से आये छात्रों को सुरक्षा मुहैया नहीं कराये जाने को लेकर बिहार, यूपी समेत अन्य राज्यों के छात्र काफी नाराजगी है.

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, प्रधान सचिव गृह आमिर सुबहानी और पुलिस महानिदेशक पीके ठाकुर ने मणिपुर में अपने समकक्ष से मंगलवार को बात की थी. साथ ही एनआईटी में बिहारी छात्रों के साथ हुई मारपीट की घटनाओं पर रोक लगाने तथा बिहारी छात्रों की समुचित सुरक्षा का अनुरोध किया था. साथ ही मुख्यमंत्री ने बिहार के अधिकारियों को मणिपुर के अधिकारियों से समन्वय स्थापित कर मामले को देखने का निर्देश दिया है.

क्या है मामला

एनआईटी मणिपुर में बिहार समेत अन्य राज्यों से छात्रों के साथ स्थानीय छात्रों के बीच मारपीट हुई. स्थानीय छात्रों ने दूसरे राज्यों से आये छात्रों पर पहले हमला किया. इसके बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने लाठीचार्ज किया. इसमें बिहार समेत अन्य राज्यों के करीब 35 छात्र घायल हो गये. बिहारी छात्रों ने हमले का वीडियो और घायलों की तस्वीर जारी कर बिहार सरकार से मदद की गुहार लगायी. घटना के संबंध में बताया जा रहा है कि एनआइटी मणिपुर कैंपस में स्थानीय छात्र पिछले कुछ दिनों से खेलने आ रहे थे.

एनआईटी के छात्रों को खेलने नहीं दिया जा रहा था. रविवार को एनआईटी के छात्रों ने स्थानीय लोगों को मना कर दिया. बाजार में खरीदारी कर रहे बिहार के तीन छात्रों बोरिंग रोड, पटना निवासी प्रांजल प्रसून, आरा के प्रीतम रजक और नालंदा के भरत को घेर कर करीब 20 स्थानीय लोगों ने पिटाई कर दी. इससे तीनों छात्र गंभीर रूप से घायल हो गये. कॉलेज पहुंच कर छात्रों ने जब इसकी शिकायत की, तो गैर मणिपुरी छात्र कॉलेज प्रशासन से सुरक्षा की मांग की. कॉलेज प्रशासन ने स्थानीय पुलिस को बुला कर छात्रों पर बल प्रयोग किया. इसमें करीब 35 छात्र घायल हो गये.