विज्ञान जगत

मधुमेह से राहत देगी ‘हर्बल काॅफी’

क्लीनिकल ट्रायल के बाद अब मरीजों को दी जा रही दवा
मधुमेह से राहत देगी ‘हर्बल काॅफी’
जयनारायण सिंह यादव-
बीएचयू में आयुर्वेदिक औषधियों से एक ऐसी दवा तैयार की गई है जिससे मधुमेह रोगियों को राहत मिलेगी। चार औषधियों को मिलाकर बनाए गए लोधाद्रि कसाय का ‘हर्बल काॅफी’ नाम दिया गया है। मधुमेह रोगी अपने मर्ज को बढ़ने से रोकने के लिए घर में अथवा यात्रा के दौरान भी चाय-काॅफी की तलब लगने पर गुनगुने पानी के साथ इसका इस्तेमाल कर सकते हैं। क्लीनिकल ट्रायल के बाद बीएचयू के आयुर्वेद अस्पताल में मधुमेह से पीडि़त मरीजों को हर्बल काॅफी का पाउच मुफ्त दिया जा रहा है। रोगियों पर इसका परिणाम भी बेहतर देखने को मिला है। इससे बीएचयू के डाॅक्टर उत्साहित हैं। इस शोध को जल्द ही अंतराष्ट्रीय जर्नल में प्रकाशित होने के लिए भेजा जाएगा।

16वीं शताब्दी में दक्षिण भारत के वल्लभाचार्य ने ‘वैद्य चिंतामणि’ और नीलकंठ बसवराज ने आयुर्वेद ग्रंथ में औषधियों से मधुमेह को ठीक करने का जिक्र किया है। आयुर्वेद संकाय के प्रो. के आर सी रेड्डी ने अध्ययन के बाद इस दवा को खोज निकाला है। प्रो. रेड्डी के निर्देशन में लोध्र, हरितकी (हर्रे), मुश्ता (नागर मोथा) और कटफल (कायफल) की छाल से पहले टैबलेट बनाया। इसके क्लीनिक ट्रायल के बाद 50 मरीजों पर सफल टेस्ट किया गया। अब इस टैबलेट का पाउडर बनाया गया है। इसका रंग भी काॅफी की तरह ही है। इसका उद्देश्य है कि चाय या काॅफी की तलब लगने पर मधुमेह रोगी इसे गुनगुने पानी में डालकर या फिर मधु (शहद) मेें मिलाकर सेवन कर सकते हैं। दो ग्राम का पैकेट बनाया गया है। यह दवा मधुमेह के साथ ही लीवर की कार्यप्रणाली को भी दुरस्त रखता है।