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मनवीर जैसे ही होते हैं गुज्जर

-आकाश नागर
गुज्जरों को जो लोग जाहिल, गवार, अनपढ़ और अपराधिक प्रवृत्ति के समझते हैं उनके लिए आईना दिखाया है बिग बाॅस के विजेता मनवीर गुज्जर ने। नोएडा के एक गाँव अगाहपुर का निवासी मनवीर आपने गाँव में अल्हड और आवारगी के लिए जाना जाता था । यहाँ तक कि उनके पिता तक उससे नाराज रहते थे । लेकिन जब बिग बाॅस में मौका मिला तो उसने दिखा दिया कि कोई आम आदमी भी ऐसे हाई-फाई शो का विजेता बन सकता है।
तीन महीने तक जिस तरह उसने बिग बाॅस के घर में रहकर भाईचारे और अपनापन के साथ जिगरी दोस्त के किरदार को निभाया वह लोगांे को आकर्षित कर गया। उसका दिल से और सच्चाई से बोलना सभी को हँसाने की कोशिश करना और बिना कोई बैरभाव रखे ही निष्पक्षता से साथ देना, लोगों के दिलों को छू गया। तभी तो देश के 50 लाख लोगांे ने उसको वोट देकर बिग बाॅस 10 का विजेता बनाया। उसने दिखा दिया कि गुज्जरो के युवाओं में एक टीम वर्क की भावना होती है जिसके बलबूते वह हँसते-हँसाते अपने लक्ष्य को हासिल कर लेते हैं। उसके सामने एक माडल थी तो एक टीवी कलाकार। एक ढोंगी बाबा भी था। इंग्लिश बोलने वाले कंपटीटर थे तो अपनी अदाओं से लोगों को अपनी ओर खींचने वाली खूबसूरत हसिनाएं थीं। लेकिन देश और दुनिया के हिन्दुस्तानियों के दिलांे पर राज किया तो एक देशी ग्रामीण मनवीर गुज्जर ने। मनवीर के इस शो से गुज्जरों में एकता भी देखने को मिली और युवाओं मंे जोश और उत्साह इस कदर था कि उन्होंने वोटिंग के लिए रैलियाँ तक की। नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गाजियाबाद, दिल्ली, फरीदाबाद और गुडगाँव के लाखांे बेरोजगार युवाओं ने अपने जेब खर्च से ही होर्डिंग्स, पोस्टर, बैनर तक बनवाए। युवाओं ने सोशल मीडिया के जरिए भी भाई मनवीर गुज्जर के लिए वोट जुटाकर नोएडा के एक देशी गुज्जर को इस मुकाम तक पहुँचाने में अपना योगदान दिया। सभी को मेरा सलाम और मेरे रिश्तेदार भाई मनवीर गुज्जर को सेल्यूट ....!