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मल्लीताल जामा मस्जिद में मुफ्ती को लेकर विवाद थमा

मल्लीताल के जामा मस्जिद के मुफ्ती को लेकर विवाद फिलहाल थम गया है। मल्लीताल कोतवाली में इस मामले में दोनों पक्षों के बीच सोमवार को बातचीत के बाद यह स्थिति बनी है। तय हुआ है कि मुफ्ती को लेकर 6 स्थानों से मांगी गई राय यानी फतवा आने के बाद ही दोनों पक्ष राय-मशविरा के बाद अंतिम फैसला लेंगे। फिलहाल मुफ्ती अपना दायित्व पहले की तरह निभाते रहेंगे।
मल्लीताल कोतवाली में सीओ विजय सिंह थापा व कोतवाल विपिन चंद्र पंत के समक्ष सोमवार को दोनों पक्षों की वार्ता हुई। पुलिस के अनुसार मल्लीताल जामा मस्जिद के मुफ्ती अब्दुल खालिक की कुछ टिप्पणी से एक वर्ग नाराज हो गया था। पिछले कई महीनों से चल रहा यह मामला बाहर नहीं आया था। इस बीच गत शुक्रवार को मस्जिद में नमाज के दौरान हाथापाई की नौबत आ गई थी। इसके बाद सियासत तेज हो गई। इधर कोतवाली में मौजूद अंजुमन इस्लामियां के सदर मो. फारूख ने कहा कि मुफ्ती ने अपनी टिप्पणी पर खेद प्रकट किया है, यही नहीं आवाम से मांफी तक मांग ली है। इसके बावजूद कुछ लोग इसको अनावश्यक इश्यू बनाकर नगर का माहौल खराब करने की कोशिश कर रहे हैं, जो नहीं होने दिया जाएगा। उधर दूसरा पक्ष जोकि मुर्हरम कमेटी से जुड़ा है, के नाजिम बक्स, मो. नसीम, रईस वारसी, मो. शाबिर आदि का कहना है कि मुफ्ती को लेकर उनकी ओर से 6 स्थानों को पत्र भेजा जा चुका है। इसमें देवबंद के अलावा बरेली, मुरादाबाद, लखनऊ व मुज्जफरपुर आदि के इदारे शामिल हैं। इधर सीओ विजय थापा ने बताया कि दोनों पक्षों में रजामंदी हो गई है। इसके तहत मुफ्ती अपना दायित्व जारी रखेंगे। छह स्थानों से फतवा आने के बाद आगे के लिए कमेटी फैसला लेगी।