दिशा तथा दशा

मोदी सरकार ने मानी मांगें तो अन्ना ने तोड़ा अनशन, महाराष्ट्र के सीएम ने पिलाया जूस

नई दिल्ली- समाजसेवी अन्ना हजारे ने गुरुवार शाम को अपनी मांगे पूरी हो जाने के बाद अपना अनशन तोड़ दिया है. दिल्ली के रामलीला मैदान में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने उनसे मुलाकात की और जूस पिलाकर उनका अनशन तुड़वाया. किसानों के मसले पर अन्ना बीते छह दिनों से अनशन पर बैठे थे. अनशन तोड़े जाने के दौरान केंद्रीय कृषि राज्य गजेंद्र सिंह शेखावत भी मौजूद थे. अन्ना के साथियों ने दावा किया कि उनकी मांगें कबूल कर ली गई हैं. आपको बता दें कि अन्ना 23 मार्च से अनशन पर थे. आज गुरुवार को उनके अनशन का सातवां दिन था. अन्ना के सहयोगी दत्ता अवारी ने इस बारे में कहा कि अनशन के वक्त अन्ना का वजन पांच किलो घट गया. उनके रक्तचाप में भी गिरावट देखने को मिली थी.

अन्ना ने बताया कि सरकार ने उनकी फसल पर डेढ़ गुना न्यूनतम समर्थन मूल्य देने की बात सरकार ने मानी है. किसान कर्ज लेकर जो खेती करता है उसका नुकसान होने पर सरकार उसपर 50 प्रतिशत अधिक भुगतान करेगी. लोकपाल पर भी जल्द से जल्द कार्रवाई की बात की है. अन्ना की ओर से मांग की गई थी कि कृषि उपज की लागत के आधार पर डेढ़ गुना दाम किसानों को मिले. खेती पर निर्भर 60 साल से उम्र वाले किसानों को पांच हजार रुपए के रूप में हर महीने पेंशन दी जानी चाहिए. कृषि मूल्य आयोग को संवैधानिक दर्जा और पूरी स्वायत्ता मिलनी चाहिए. लोकपाल विधेयक पारित होना चाहिए और लोकपाल कानून तुरंत लागू होना चाहिए. इस कानून को कमजोर बनाने वाली धारा 44 और धारा 63 का संशोधन भी फौरन रद्द किया जाना चाहिए. प्रत्येक राज्य में सक्षम लोकायुक्त की नियुक्ति की जानी चाहिए और चुनाव सुधार के लिए सही फैसले लिए जाने चाहिए.