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विश्व हास्य दिवस (वर्ल्ड लाफ्टर डे)

विश्व हास्य दिवस (वर्ल्ड लाफ्टर डे)
विश्व हास्य दिवस (वर्ल्ड लाफ्टर डे) 3 मई, 2015 को लाफ्टर योगा आन्दोलन के संस्थापक डा0 मदन कटारिया द्वारा इस दिवस को विश्व हास्य दिवस केे रूप में मनाया जाता है। इस दिवस को मनाने के पीछे उद्देश्य विश्व शान्ति के लिए एक सकारात्मक अभिव्यक्ति है और हंसी के माध्यम से भाइचारे व दोस्ती की वैश्विक चेतना का निर्माण करना मुख्य उद्देश्य है। इसकी लोकप्रियता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि विश्व के सौ से अधिक देशों में हजारों की संख्या में लाफ्टर कल्ब के सदस्यों द्वारा यह आन्दोलन तेजी से बढ़ रहा है। हंसी प्रकृति में भौतिक रूप से व्याप्त है और जरूरी नहीं कि हास्य या काॅमेड़ी इसमें शामिल हो। बच्चों की शोखी आंखों का सम्पर्क या हंसी के व्यायाम के साथ हंसी आसानी से एक समूह में प्रेरित हो जाती है। नकली हंसी भी जल्द ही असली हंसी में तब्दील हो जाती है। इस योगा के माध्यम से ज्यादा आक्सीजन हमारे डायफ्राम के माध्यम से शरीर में प्रवेश करती है।
लाफ्टर योगा उस सिद्धांत पर आधारित है कि आप नकली हंसी व असली हंसी के बीच अंतर नहीं कर सकते हैं। हास्य जीवन की अनमोल सम्पत्ति है। वास्तव में एक कहावत है कि वही व्यक्ति हंसता है जो जी रहा होता है। हंसने से नए व रचनात्मक विचार मस्तिष्क में उत्पन्न होते हैं जो कि उर्जा का संचार करते हैं, इसलिए चाहे हल्के हंसो या जोर-जोर से ठहाके लगाओ कुछ न कुछ फायदा तो मिलेगा ही।